🌼 ओणम 2025:
केरल की संस्कृति और परंपराओं का प्रतीकभारत विविधताओं से भरा देश है, जहाँ हर त्यौहार अपनी अलग कहानी और परंपरा लिए हुए है। इन्हीं में से एक सबसे प्रमुख और रंग-बिरंगा त्यौहार है ओणम (Onam)। यह त्यौहार विशेष रूप से केरल में मनाया जाता है और इसे फसल उत्सव (Harvest Festival) भी कहा जाता है। ओणम 2025 सितंबर में मनाया जाएगा और पूरे दस दिनों तक यह पर्व केरल की धरती को खुशियों, संगीत, नृत्य और स्वादिष्ट व्यंजनों से भर देगा।
📅 ओणम 2025 की तिथि
ओणम हर साल मलयालम कैलेंडर के चिंगम महीने में मनाया जाता है, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार अगस्त-सितंबर में आता है।ओणम 2025 की शुरुआत 5 सितंबर से होगी और यह 14 सितंबर 2025 तक चलेगा।
👑 ओणम का इतिहास और पौराणिक महत्व
ओणम केवल एक त्योहार नहीं बल्कि एक पौराणिक कथा से जुड़ा है। कहा जाता है कि केरल पर एक बार राजा महाबली का शासन था। वे एक दयालु और न्यायप्रिय राजा थे, जिनके शासनकाल में कोई दुखी नहीं था। देवताओं को उनकी शक्ति से भय हुआ और उन्होंने भगवान विष्णु से मदद मांगी।भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया और राजा महाबली से तीन पग भूमि मांगी। दो पग में उन्होंने पूरा ब्रह्मांड नाप लिया और तीसरे पग में राजा महाबली ने अपना सिर अर्पित कर दिया। उनकी निष्ठा और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि वे साल में एक बार अपनी प्रजा से मिलने आ सकते हैं। यही दिन ओणम कहलाता है।

🌸 ओणम की खास परंपराएं
ओणम का त्योहार दस दिनों तक बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। हर दिन की अपनी एक विशेष पहचान होती है।
🪻 1. पुकलम (Pookalam)
फूलों से बनाई जाने वाली खूबसूरत रंगोली जिसे पुकलम कहते हैं, ओणम की शान होती है। हर घर के आंगन में रंग-बिरंगे फूलों से सुंदर डिज़ाइन बनाई जाती है।
🍛 2. ओणम साद्या (Onam Sadhya)
ओणम का सबसे बड़ा आकर्षण है साद्या, जो केले के पत्ते पर परोसा जाने वाला भव्य भोजन है। इसमें करीब 26 से 30 तरह के व्यंजन शामिल होते हैं।
🛶 3. वल्लम कली (Vallam Kali)
नौका दौड़केरल की बैकवॉटर्स में होने वाली नौका दौड़ (Snake Boat Race) ओणम का सबसे रोमांचक हिस्सा है। हजारों लोग इस प्रतियोगिता को देखने आते हैं।
💃 4. तिरुवातिरा और कथकली नृत्य
महिलाएं तिरुवातिरा नृत्य करती हैं और कलाकार कथकली नाटक प्रस्तुत करते हैं, जिसमें भगवान और असुरों की कहानियां दिखाई जाती हैं।
🎭 5. ओणम के खेल (Onakalikal)
लोग इस अवसर पर कई खेल खेलते हैं, जैसे तुग ऑफ वॉर, ऊंटकली, तलप्पंथुकली आदि।
🏞️ ओणम और केरल की सांस्कृतिक पहचान
ओणम सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह केरल की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। इस त्योहार के दौरान केरल के घरों, मंदिरों और गलियों में रंग-बिरंगे सजावट, पारंपरिक कपड़े, लोक नृत्य और संगीत देखने को मिलता है।पर्यटक भी इस समय बड़ी संख्या में केरल आते हैं और यहां की संस्कृति, भोजन और त्योहार का आनंद लेते हैं।
🍃 आधुनिक समय में ओणम 2025
आज के समय में भी ओणम उतनी ही धूमधाम से मनाया जाता है जितना पहले। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने इस पर्व की खूबसूरती को और भी ज्यादा फैलाया है। लोग अब ऑनलाइन भी एक-दूसरे को ओणम की शुभकामनाएं भेजते हैं और त्योहार की खुशियां साझा करते हैं। यह था ओणम 2025 का पूरा विवरण। यह त्योहार केवल केरल ही नहीं बल्कि पूरे भारत और दुनिया में रहने वाले मलयाली समुदाय के लिए एकता, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम है।
