🛠️ Vishwakarma Jayanti – महत्व, पूजा विधि और कथा
Vishwakarma Jayanti हर साल कन्या संक्रांति (आमतौर पर 17 या 18 सितंबर) को मनाई जाती है। यह दिन भगवान विश्वकर्मा के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें देवताओं का प्रथम शिल्पकार और वास्तुकार माना जाता है।
हिंदू धर्म के अनुसार भगवान विश्वकर्मा ने न केवल देवताओं के महल, रथ और शस्त्र बनाए बल्कि उन्होंने स्वर्गलोक और इंद्रप्रस्थ जैसे दिव्य नगरों का निर्माण भी किया।
🌺 भगवान विश्वकर्मा कौन हैं?
- भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के इंजीनियर कहा जाता है।
- वे निर्माण कला, वास्तुकला और यंत्र विज्ञान के जनक माने जाते हैं।
- पुराणों में उल्लेख है कि उन्होंने त्रेता युग में लंका नगरी, द्वापर युग में द्वारका, और सत्य युग में स्वर्गलोक का निर्माण किया।
- उन्होंने इंद्र का वज्र, भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र, और भगवान शिव का त्रिशूल बनाया।

📖 Vishwakarma Jayanti की कथा
शास्त्रों के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा भगवान ब्रह्मा के पुत्र थे। वे जन्म से ही दिव्य शिल्पकला और वास्तुकला के ज्ञान से संपन्न थे।
कथा के अनुसार, जब रावण ने भगवान शिव की भक्ति कर सोने की लंका प्राप्त की, तो वह लंका भगवान विश्वकर्मा द्वारा ही निर्मित थी। इसी प्रकार द्वारका का नगर भी भगवान विश्वकर्मा ने भगवान कृष्ण के लिए समुद्र पर बनाया।
👉 इस कथा का उल्लेख शिव पुराण और अन्य धर्मग्रंथों में मिलता है।
🪔 Vishwakarma Jayanti पर पूजा विधि
भगवान विश्वकर्मा की पूजा विशेष रूप से कारीगर, इंजीनियर, वास्तुकार और उद्योगपति करते हैं। पूजा विधि इस प्रकार है:
- सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- कार्यस्थल और औजारों की सफाई करें।
- भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- हल्दी, चावल, फूल, नारियल और प्रसाद अर्पित करें।
- धूप-दीप जलाकर आरती करें।
- शस्त्र, औजार, मशीन और वाहन की पूजा करें।
- अंत में भगवान विश्वकर्मा के मंत्र का जप करें:
“ॐ आधार शक्तपे नमः, ॐ कूमयि नमः, ॐ अनन्तम नमः, पृथिव्यै नमः।”
🏭 उद्योग और कारीगरों में Vishwakarma Jayanti का महत्व
- यह दिन कारीगरों, इंजीनियरों, तकनीशियनों और उद्योगपतियों के लिए विशेष है।
- इस दिन फैक्टरियाँ और वर्कशॉप्स अवकाश रखकर मशीनों की पूजा की जाती है।
- मजदूर और कारीगर मानते हैं कि इससे उनका काम सफल होता है और दुर्घटनाएँ नहीं होतीं।
- किसान भी अपने हल और कृषि उपकरणों की पूजा करते हैं।
🎉 भारत में Vishwakarma Jayanti का उत्सव
भारत के कई राज्यों में Vishwakarma Jayanti बड़े धूमधाम से मनाई जाती है:
- पूर्वी भारत (ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड): यहाँ औद्योगिक क्षेत्रों और फैक्टरियों में विशेष पूजा होती है।
- उत्तर भारत: कारीगर और मजदूर अपने औजारों को सजाकर पूजा करते हैं।
- दक्षिण भारत: इसे “विश्वकर्मा पूजा” या “कन्या संक्रांति” के रूप में जाना जाता है।
- नेपाल: यहाँ इसे सरकारी अवकाश के रूप में मनाया जाता है।
🌟 Vishwakarma Jayanti के चमत्कारी लाभ
- कार्यस्थल पर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
- दुर्घटनाओं और बाधाओं से रक्षा होती है।
- व्यापार और उद्योग में उन्नति होती है।
- कारीगरों को नई ऊर्जा और कौशल की प्राप्ति होती है।
- परिवार और समाज में सुख-समृद्धि आती है।
🕉️ विश्वकर्मा जयंती पर विशेष मंत्र और आरती
विशेष मंत्र:
“ॐ विश्वकर्मणे नमः॥”
आरती:
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।
सकल सृष्टि के कर्ता, रक्षक स्तुति धर्मा ।।
Vishwakarma Jayanti न केवल एक धार्मिक पर्व है बल्कि यह मेहनतकश मजदूरों, कारीगरों और उद्योग जगत के लिए प्रेरणा का भी दिन है। इस दिन की पूजा से कार्य में सफलता, समृद्धि और जीवन में स्थिरता मिलती है।
